हिंदी भाषा

स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व कांग्रेस ने निर्णय लिया था की स्वतंत्र भारत की राजभाषा हिंदी होगी| स्वतंत्र भारत की सविधान सभा ने तो सितम्बर १९४९ को भारतीय स्वन्विधन के अनुछेद ३४३ के अनुसार
भारतीय संघ की राज=भासा हिंदी घोषित की गई थी| १९६५ तक अंग्रेजी को कम काज की भाषा बनी रही जो की अब तक है|
किसी भी भाषा को राष्टभाषा बन्ने के लिए उसमे सर्वव्यापकता, प्रचुर साहित्य-रचना, बनावट की दृष्टी से सरल और वैज्ञानिकता, सब प्रकार के भावो को प्रकट करने का समर्थिये आदि गुण अनिवार्य होते है| उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजेस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली राज्यों की यह राजभाषा है| पुनजब, गुजरात, महारास्त्र और अंदमान निकोबार में इसे दुत्तिये  भाषा का दर्ज़ा दिया गया है| शेष प्रान्तों में यदि कोई भाषा संपर्क भाषा के रूप में प्रयोग की जा सकती है, तो वेह हिंदी ही होती है|आज़ादी के उपरांत हिंदी भाषा को राष्ट्रीय भाषा होने का स्थान प्राप्त हो गया था परन्तु कुछ वर्षो से हिंदी का महत्व निरंतर घटता चला जा रहा है| इसका एक मात्र कारण अंग्रेजी भाषा का बढता प्रचलन है| परन्तु यह पहली बार नहीं है की कोई विदेशी भाषा का हमारी भाषा में मिश्रित हो जाना| भारतवर्ष सेकड़ो वर्षो से विदेशी देशो में काफी प्रसिद्ध था| इसलिए यहाँ अनेको आक्रमण हुए और दोनों सभ्यताओ का मिलन हुआ जैसे मुग़ल, ईरानी, अरबी, पुर्तगाली, अंग्रेजी इत्यादी| उर्दू भाषा का जन्म भारत में ही हुआ है| उर्दू का अर्थ है सैनिकों की भाषा, जब मुगलों ने भारत पर शाशन किया तो उन्होंने इस भाषा का निर्माण किया जो की हिंदी एवं अरबी भाषा का मिश्रण है| परन्तु कुछ वर्षो से अंग्रेजी भाषा की लोकप्रियता बढती जा रही है| इसका एक कारण पश्चमी सभ्यता का आगमन है जिसके आकर्षण में हिंदी का महत्व लुप्त हो रहा है| लोग वहाँ के तौर तरीको में लीन होते जा रहे है| विज्ञापनों, हिंदी सिनेमा, सस्किये संस्थाओ, गीत एवं दैनिक वार्तालाप में अंग्रेजी भाषा का प्रचुर प्रयोग में निरन्तर वृद्धि हुई है| कई संस्थानों में तो हिंदी भाषीयों के लिए कोई पद नहीं है| हिंदी भाषी नागरिक जिन्हें अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नही है उन्हें हीन भावना की दृष्टी से देखा जाता है| अपने देश में ही अपनी भाषा के दुर्गति के ज़िम्मेदार कोई और नही हम है| अत: प्रत्येक नागरिको को यह बात कंठस्थ कर लेना चाहिए की कोई भाषा किसी को महान नही बनाती, हमारे आचार एवं विचार ही हमे उच्च कोटि तक पहुचाते है| हमारी भाषा हमारी धरोहर है इसका संरश्रण हमारी ही हाथो में है|
Advertisements

5 thoughts on “हिंदी भाषा

  1. Parvez Karia says:

    The article was well-written although I do not know the meaning of a few words. I agree with the views expressed regarding the proliferation of the English language and the prejudice with which people who do not know English are treated, especially in urban areas.

    But, I would like to differ with a few points. Hindi is not the national language of India contrary to what many people think. According to the constitution, any state can choose its official language to be different from Hindi. So, the constitution does give us the right to use our own mother tongue. There is a very popular misconception that Hindi is the national language of India. I have read some comments on some other blogs that the Hindi-speaking are the “true citizens” and they look down with disdain on the people who speak other languages(especially South Indians because most other people in India can speak Hindi). They expect everyone to learn Hindi and do not show an inclination to learn any other language themselves. This could be because of the north-south/Aryan-Dravidian divide that exists in India. But, it should be stopped. People should be made to understand that all languages have an equal right to exist in India.

    Before ending the comment, I just want to clarify that I speak Hindi. But, I noticed this kind of behaviour when I was staying in a cosmopolitan environment with people from all corners of India.

    • thx parvez….. im totally agree with your point..every language is importane and have their own value…we shuold respect them…. as u said abt constitution is totally crct

  2. Parvez Karia says:

    And I think all the languages should be preserved. They are a [art of our diversity and our rich culture. Bharatmata ki Jai!!!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s